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Saturday, 17 March 2012

"स्मृतियों में रूस" लोकार्पित.

लोकार्पण 

सुश्री संगीता बहादुर ( डारेक्टर नेहरु सेंटर)
१४ मार्च बुधवार की शाम को लन्दन स्थित नेहरु सेंटर में  पुस्तक " स्मृतियों में रूस " का विमोचन  हुआ .समारोह में सम्मानित अतिथि  सुश्री संगीता बहादुर ने सर्प्रथम सभी का स्वागत करते हुए लेखिका को बधाई देते हुए अपनी बात शुरू की.

श्री कैलाश बुधवार (पूर्व बी बी सी प्रमुख )ने पुस्तक के बारे में बोलते हुए कहा कि शिखा की यह पुस्तक एक ईमानदार अभिव्यक्ति है रूस के इतिहास भूगोल पर बहुत ही पुस्तकें मिल जाती हैं परन्तु शिखा ने एक जिस तरह रूस के समाज की तहों में पैठ बनाकर ईमानदारी  से अपने अनुभवों को लिखा है वह बहुत कम मिलता है.यह पुस्तक उनके रोमांचकारी अनुभवों की रोचक प्रस्तुति से भरी हुई है.जिससे हमें पढने में आनंद तो आता ही है बल्कि उस समय के रूस में हुए परिवर्तनों की जानकारी भी मिलती है.पुस्तक के कुछ अंशों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वाकयों का प्रस्तुतीकरण और शिल्प ऐसा है  जैसा कि कभी कभी हमें फ़िल्मी परदे पर देखने को मिलता है.(आप यहाँ सुन देख सकते हैं-)


शिखा के वजूद में रूस बस्ता है
"शिखा वार्ष्णेय की किताब में रूस पर शोध कर के नहीं लिखा गया. जैसा शिखा ने रूस को महसूस किया ठीक वैसा ही उसे सरल और सीधे शब्दों में उतार दिया है. १६ वर्ष की teenager ने जैसे अनुभव ग्रहण किये शिखा हम से वो अनुभव बांटती है. . शिखा का अनुभव क्षेत्र केवल शिक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, वह अपने आस पास के समाज को समझने का प्रयास करती हैं, युवा मौज मस्ती का चित्रण करती हैं, अपने अकेलेपन का अहसास करवाती हैं और सोवियत रूस के टूटने की प्रक्रिया से गुज़रती हैं. रूबल की गिरती साख; डॉलर  के प्रति रूसिओं का मोह; अचानक विघटित देशों में वीसा की ज़रुरत - शिखा की निगाह सभी ओरे जाती है. कहानी के रूप में लिखा यह संस्मरण इस बात का प्रमाण है की शिखा और रूस के बीच कैसा रिश्ता बना." यह कहना था प्रतिष्ठित कथाकार  तेजेंद्र  शर्मा का जब वे स्मृतिओं में रूस के विमोचन समारोह में बोल रहे थे.

समारोह में बोलते हुए श्री आनंद कुमार ( अताशे हिंदी .भारतीय उच्च आयोग  लन्दन )ने हिंदी के विकास के लिए उच्च आयोग द्वारा किये जा रहे कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला.  
  

दिव्या माथुर, अमृता तोशी ,डॉ . हिलाल फरीद, इरीना आदि अनेक हिंदी और उर्दू साहित्य के गुणीजनों  की उपस्थिति में हुए इस समारोह का संचालन रूस में हिंदी की छात्रा रही ओल्गा उस्मानोवा ने किया .

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48 comments:

  1. बहुत-बहुत बधाई सहित शुभकामनाएं ..

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  2. बहुत बहुत बधाई.
    ऐसी उपलब्धियों से आपका दामन सदा भरा रहे...
    शुभकामनाएँ ...

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  3. बहुत बहुत बधाई ..........ईश्वर आपका दामन उपलब्धिओं से भरते रहें

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  4. बहुत बहुत बधाई ..
    शुभकामनाएं !!

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  5. लोकार्पण की हार्दिक बधाई . आपके कलम की कीर्ति चतुर्दिक फैले . शुभकामनायें

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  6. बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  7. शिखा जी आपको हमारी ओर से ढेर सारी शुभकामनाएं...व् बधाई

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  8. दीपक शुक्ला जी की मेल से प्राप्त टिप्पणी.
    Shikha ji...

    Shabd kahan se laun aise..
    Jo main tujhse kahun yahan..
    Jahan nagade bajte hon to...
    Tooti ka swar sune kahan...

    Etne yogy, guni logon ne...
    Tera jo gungaan kiya...
    Main kaise, kya bolun aakhir..
    Kuchh bhi baki nahi raha!!!...

    Etna fir bhi kahna chahen..
    Tumko nit samman mile...
    Chahun disha main keerti badhe...
    Ghar bahar tujhko maan mile...

    Shubhkamnon sahit..

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  9. पुस्तक के विमोचन और इस सुरुचिपूर्ण आयोजन पर बहुत बहुत बधाई !

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  10. इस महत्त्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई शिखा जी ।
    पढने की उत्सुकता रहेगी ।

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  11. आपको पुनः ढेरों बधाईयाँ।

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  12. aapko bahut bahut badhai aur shubh kamnayen

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  13. बहुत-बहुत बधाई सहित शुभकामनाएं ..

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  14. बहुत बहुत बधाई एवं शुभ-कामनाएं.....बहुत खुशी हो रही है!

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  15. बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं ...

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  16. बधाई, शुभकामनाएं!

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  17. बहुत बधाई एवं शुभकामनायें ...!!

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  18. ढेरों या टनों बधाईयाँ. शुभकामनाएं.

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  19. बधाई शिखा ...
    आपकी लेखनी में प्रभावशाली सामर्थ्य है ...

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  20. आपके संस्मरण रूस की संस्कृति से करीबी परिचय करते हैं ...
    बहुत बधाई और शुभकामनायें !

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  21. आपकी इस उपलब्धि के लिए आपको बधाई ......!

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  22. बधाई ||
    बढ़िया प्रस्तुति ||

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  23. बहुत सुन्दर, बधाई.

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  24. लोकार्पण की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें।

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  25. शिखा पुस्तक के विमोचन का विवरण पढ़ कर बहुत ख़ुशी हुई और इस महान उपलब्धि के लिए जिसे तुमने अपनी जमीन से निकल कर वहाँ तक पहुँचाया है बहुत बहुत शुभाकामनाएं. !

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  26. बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें इस लोकार्पण की ...

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  27. ye to shuruvaat hai thahar mat jaana ... ham har sapalta par badhaai dene ke liye taiyaar hai.. :-)

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  28. चित्रों और पोस्ट को देखकर लग रहा है कि सचमुच बहुत ही अच्छा कार्यक्रम रहा होगा!! मेरी ओर से पुनः बधाई!!

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  29. बहुत बहुत बधाई ...ढेर सारी शुभकामनाएं ..

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  30. वाह जी!
    बधाई शुभकामनाएँ

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  31. bahan bahut bahut badhai ho ............mithai to banti hai ....
    rachana

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  32. आपको बहुत बहुत बधाई शिखा जी आपके बरे में जानकार बहुत अच्छा लगा ..आगे आपका लेखन पढ़ती रहूंगी

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  33. CONGRATULATIONS....
    ... MADAM TUSSAD:))

    .
    .
    .
    AB TO EK STATUE BANTA HAI..:)

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  34. पिछले कुछ दिनों से अधिक व्यस्त रहा इसलिए आपके ब्लॉग पर आने में देरी के लिए क्षमा चाहता हूँ...

    बधाई स्वीकारें

    नीरज

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  35. इस उपलब्धि पर आपको बहुत बहुत बधाई!

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  36. बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ शिखा जी.

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  37. दिस इज़ अ मैटर ऑफ़ प्राइड.... आई एम वैरी प्राउड टू बी यौर फ्रेंड....

    कौन्ग्रेच्युलेशनस ..... वैरी वैरी बधाई....

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