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Monday, 27 September 2010

अभी स्वर्णमयी लंका ...

मोस्को में मेरी एक बहुत अच्छी मित्र थी श्रीलंका की... इतना अच्छा चिकेन बनाती  थी ना ...रहने दीजिये वर्ना बाकी पोस्ट नहीं लिखी जाएगी .और इसका राज़ वो बताती थी वहां के मसाले .और भी बहुत  सी बातें की मोती बहुत अच्छे मिलते हैं वहां ,समुंद्री किनारे बहुत खूबसूरत हैं वगैरह वगैरह ..जिन्हें सुन सुन कर मेरा भी मन श्रीलंका देखने को व्याकुल हो जाया  करता था पर कभी मौका नहीं आया .अब हुआ ये कि फिलहाल एक मित्र जा रहे थे श्रीलंका किसी काम से ,तो हाय रे हमारी घुमक्कड़ जिज्ञासा ..उनसे अनुरोध कर डाला हमने, कि उस रावण  की नगरी की कुछ तस्वीरें जरुर लेते आयें सुना था कि हनुमान के पदचिन्ह भी पाए जाते हैं अबतक वहां .तो जी वो ले आये तस्वीरें खींच कर और हमें भेज भी दीं.अब वहां जैसा हमने सोचा था, रावण का महल या हनुमान के पदचिन्ह तो नहीं दिखे पर बहुत ही खूबसूरत नज़ारे नजर आये और फिलहाल के लिए हमारी श्रीलंका देखने की तमन्ना शांत हो गई .तो  आप भी इन तस्वीरों से काम चलाइये कभी उस स्वर्ण नगरी में जाना हुआ तो  इत्मिनान से सैर कराएँगे आपको -


एक समुन्द्री किनारा ..इसी समुंदर पर पुल बनाया होगा राम जी ने .


आह कितना सुन्दर



वाह वहां भी भुट्टा वाला होता है ...


गाल स्टेडियम .इतना हरा गाल पहले कभी नहीं देखा :)

गाल किला की दीवार



उपरोक्त सभी गालों  के बारे में जानकारी देता बोर्ड:).

आप समझ ही गए होंगे एक पुराना सा घर है बस.
                                                                           




                                                                                      





टाउन  हॉल कोलम्बो .



रेलवे स्टेशन कोलम्बो 


 




और अंत में अपना भारतीय भोजनालय ..बिना रोटी के कैसे चलेगा...

अरे अरे रुकिए एक कविता भी बाकी है अभी :)

एक थी सोने की नगरी
लंका जिसे तब कहते थे
रावण  था राजा  वहां का
नानी से हम 
 कहानी सुनते थे 
दूर समुंदर पर एक सेतु
तब बानरों  ने बनाया था
एक एक पत्थर पर 
लिख  राम का नाम 
समुंदर में जब बहाया था .
कहती थी नानी ,दशहरे पर
रावण को जलाया करते हम
तो क्या उस स्वर्ण नगरी में
पूजते हैं रावण को वे सब?
क्या अब भी वहां पर
अशोक वाटिका है कहीं ?
या फिर हैं वो काली दीवारें 
जो हनुमान ने  पूँछ से
जला  डालीं   थीं  कभी
ऐसी ही  कितनी  जिज्ञासाएं
छुटपन से मन में छाई हैं
कभी देखेंगे हम वो स्वर्ण नगरी
मन में उमंग भर आई है....

.





77 comments:

  1. रावण राज के भुट्टे वाले कुछ समझदार दिखे, अपने यहां तो राम राज में बिना ढके ही बेचते हैं, साथ में मक्खी फ़्री। हा हा हा
    उम्दा कविता के साथ श्रीलंका की सैर बढिया रही है।
    आभार

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  2. उम्दा कविता के साथ श्रीलंका की सैर बढिया रही

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  3. vaise jaise hamaaree sarkaare ram bharose chal rahee hai vaisa vahaa nahee hai. bol raavan sarkaar kee jay

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  4. वाह आज तो मजा आ गया दीदी..
    श्रीलंका मेरे नाना जी भी गए थे.ऐसा मेरी माँ बताती है...और उनकी उस समय की कुछ १-२ तस्वीरें भी हैं.
    चिकन...हा हा, सुन के ही मुँह में पानी आ गया...;)

    तस्वीरें इतनी ज्यादा अच्छी हैं सब के सब की क्या कहूँ..
    और आपकी कविता तो की तरह बेहद खूबसूरत :)

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  5. श्रीलंका समुद्र के किनारे बसी है तो सुंदर तो निश्चित ही होगी। हम भी केरल तक ही गए हैं। चलिए आप ने कुछ चित्र लगाए हैं तो मन में आकर्षण पैदा हो रहा है।

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  6. अच्छी लगी लंका की सैर.और हाँ रेलवे स्टेशन हमारे एयर पोर्ट से देखने में तो अच्छा लग रहा है.
    कविता बढिया रही.

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  7. tasveeren dekh kar aur posT paDH kar to apanaa dil bhee lalacha gayee jab jaayeM mujhe bhee jaroor saath le jaayen| shubhakaamanaayen

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  8. वाह शिखा जी...
    आज श्रीलंका की खूब सैर कराई आपने...
    अच्छी पोस्ट रही.

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  9. श्रीलंका की सैर कराने के लिए आभार ! चित्र अच्छे लगे...

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  10. शारजाह में एक दिन मेरी बेटी जब स्कूल से लौटी तो उसका चेहरा ख़रोंचों से भरा था और ख़ून बह रहा था उसके चेहरे से. बहुत दुबली पतली थी बिटिया मेरी. दूसरे रोज़ स्कूल गया और टीचर को बताया तो पता चला वो लड़की जिसने मेरी बिटिया का वो हाल किया था, एक श्री लंकाई थी, मेरी बिटिया से दोगुनी सेहत वाली..ख़ैर टीचर ने उसको सज़ा दी. पर स्कूल से लौटते समय मैंने अपनी पत्नी को कहा कि बाप रे! उस लड़की को देखकर विश्वास हो गया कि इसी की कोई पूर्वज सीता मईया को अशोक वन में डराती रही होगी...तस्वीरें सुंदर..जिज्ञासा उचित!!

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  11. सुंदर चित्र।
    आप भाग्यशाली हैं कि इस जिंदगी ने आपको यायावरी का इतना बेमिसाल अवसर दिया।

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  12. सुन्दर चित्र, सुन्दर कविता।

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  13. ab itna dunia ghum leen to ye bhi dekh hi lengi ...:) badhiya photu hai di aur kavita bhi badhiya hai

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  14. श्रींलंका का पर्यटन उन सभी स्थलों को प्रोमोट कर रहा है जिनका उल्लेख आपने किया .....

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  15. चलो जी, घर बैठे श्रीलंका की सैर हमने भी कर ली....
    कविता ने भी गाल स्टेडियम के बाहर चौके पर छक्के लगा दिये यानि नहले पर दहला.......

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  16. कुछ तस्वीरें श्रीलंका की मेरे पास भी हैं अभी तक न जाने क्यों उनका नंबर नहीं लग पाया है । वाकई साफ सुथरा सुंदर देश है ।

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  17. lanka ki sair achhi rahi...
    haan bhutte wale ko dekh kar sukhad aashcharya hua...

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  18. यह सैर तो तुमने भी हमारे जैसी ही की ....यानि की चित्रों के माध्यम से. :):) लंका की खूबसूरती बहुत अच्छे से क़ैद की है तुम्हारे मित्र ने ...और उसको बहुत अच्छे से सजाया है तुमने यहाँ ..चित्रों के साथ कविता भी बहुत बढ़िया ...और तुम्हारी जिज्ञासा में मेरी भी शामिल है कि क्या अभी है अशोक वाटिका ? या अभी भी हैं काली दीवारें ...

    अच्छी जानकारी देती बढ़िया पोस्ट

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  19. आप ने सही कहा, वहां के लोग बहुत तेज ओर तीखा खाना खाते है, कल एक् पोस्ट मै किसी ने रावण के महल का चित्र डाला जिसे देख कर मैने अपना माथा पकड लिया :) वो चित्र था रोम (इटली) के क्लोसियोम) का, तो हम ने उन्हे दो तीन चित्र भेजे कि भाई यह रावण का महल नही,इस सुंदर पोस्ट ओर सुंदर चित्रो के लिये आप का धन्यवाद

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  20. हा हा हा भाटिया सर ! कौन महानुभाव हैं वो जरा बताइए तो, हम भी देखें कि कोलासियम रावन का महल बनकर कैसा लगता है हा आह हा

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  21. आज तो आपने बहुत ही अच्छी सैर करा दी.... फ़ोटोज़ तो बिलकुल आपकी तरह ही हैं.... और आज की पोस्ट.... भी....

    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    ..

    खूबसूरत....

    ReplyDelete
  22. अच्छी सचित्र जानकारी , संगीता जी से सहमत , अभी तक तो अपने सशरीर यात्राये की और हम लोगों को घुमाया , ये पहला अवसर है की आपने भी फोटो वाली यात्रा की . वैसे हम तो फोटो वाली यात्रा के आदि हो गए है . आपको पहला अनुभव मुबारक हो.

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  23. बहुत सुंदर चित्र ..
    अच्‍छी रचना ..

    सार्थक पोस्‍ट !!

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  24. वाह शिखा जी...
    आज श्रीलंका की खूब सैर कराई आपने...घर बैठॆ ही हम लंका घूम लिये..बहुत सुदंर कविता
    और बहुत सुंदर चित्र ..

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  25. Kavita mujhe kyon nahi dikh rahi?
    Jigyasa to aapne jaga hee dee hai!

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  26. अरे क्या हुआ क्षमा जी ! क्यों नहीं देख अर्हिकविता आपको ?

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  27. मास्को , श्रीलंका , चिकन , रावण और हनुमान ।
    चिकन पर तो मैं भी अटक गया था लेकिन कविता तक पढ गया । सब कुछ बहुत स्वादिष्ट लगा । बहुत समय तक इसका स्वाद याद रहेगा ।

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  28. उम्दा तस्वीरों की मदद से यहाँ भी घुमा दिया दी.. वाह.. भुट्टा देखकर अचम्भा नहीं हुआ.. क्योंकि एशिया या कहें तो दुनिया के हर कोने में(आर्कटिक और अंटार्कटिक छोड़ कर) में सभी जगह भुट्टा जी मिलते हैं.. :)

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  29. वो एक द्वीप है इसलिए नैसर्गिक सौंदर्य स्वाभाविक है हमारे खुद के तटीय क्षेत्र बेहद खूबसूरत हैं फिर भारतीय उपमहाद्वीप का खानपान व्यवहार अलग अलग कहां होने वाला था :)

    फोटोग्राफ्स खूबसूरत हैं पोस्ट भी अच्छी है पर इस वक़्त मुझे कुछ और ही सूझ रहा है ज़रा कन्फर्म कीजियेगा ...पौराणिक मान्यताओं के हिसाब से आपने भी समुंद्र लंघन किया है ना ? :)

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  30. वाह शिखा जी...
    आज श्रीलंका की खूब सैर कराई आपने...
    उम्दा कविता के साथ श्रीलंका की सैर बढिया रही...

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  31. bahutachhe se sair karayi Sri-Lanka ki,

    bhai apni dost se pooch kar hame Chicken recipi bhijwa dijiye, ham bhi try kar lewe jara

    kavita bhi khoob kahi aapne

    badhai

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  32. सुन्दर तस्वीरें ...
    बहुत कुछ केरल, गोवा जैसी लगी ...
    अशोक वाटिका है क्या अभी भी ...जानने की उत्सुकता है ...
    स्वर्ण नगरी के भ्रमण की लालसा ने इतनी सुन्दर कविता भी लिखवा ली ..!

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  33. chalo aapke sahare ham bhi Sri lanka ki yatra kar lete hain..........aur specially srilanka ke bhutto ka anand bhi...........khakar na dekh kar hi sahi.......:D

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  34. हम्म ! लगता है कि आप भी हमारी तरह घुमक्कड़ हैं. श्रीलंका के चित्र अच्छे लगे. कितना साफ-सुथरा है.

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  35. बहुत अच्छी लगी लंका की सैर ।

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  36. हमें तो मुफ्त में लंका की सैर करने को मिल गयी, शुक्रिया।

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  37. लंकानगरी के फोटो और रचना बढ़िया है ... इस बहाने लंका के दर्शन तो कर लिए ...

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  38. शिखा जी
    तस्वीरों के साथ श्रीलंका की सैर करा दी………………।बेहद सुन्दर तस्वीरे और उतनी ही सुन्दर कविता।

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  39. kewal apna mulk hee sundar nahihai, har mulk kee apni khubsurati hoti.

    ShriLanka hariyali se bharpur desh hain

    Is post ke liye shukriya

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  40. बहुत खूबसूरत चित्र क़ैद किए हैं आपने .... कभी मौका मिला तो देखने जाने की इच्छा है ... देखिए कब संयोग बनता है ....

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  41. श्रीलंका में भुट्टे? वाह !! रावण के देशज पहले सोने के भुट्टे बेचते रहे होंगे| | सोने की लंका में पीले भुट्टे भी स्वर्ण भुटट का की कल्पना जगाते हैं| आपके मित्र ने अच्छी तस्वीरें खींची हैं और समंदर का किनारा तो अपने समीप बुलाता लगता है|

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  42. अरे अली जी आपने अच्छा याद दिलाया , मैंने पौराणिक दृष्टी के हिसाब से सही किया , अब जब श्री राम लाँघ सकते है समुन्दर तो मै क्यू नहीं . वो कहते है ना कि " महाजनः येन गताः सः पन्थाः.

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  43. majaa aa gayaa shikhaji!...aisa lag rahaa hai ki ham aap ke saathi ghum rahe hai!...sabhi tasviren behad sundar hai!

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  44. चलो, अभी तस्वीरों में सही...कभी अपनी कविता पर और रंग रोगन करने हो भी आना लंका....

    अच्छे रहे चित्र और कविता.

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  45. आपका मन तो शांत हो गया लेकिन हमारा मन श्री लंका गूमने को मचलने लगा है

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  46. बहुत ही सुंदर कविता के साथ लंका भ्रमण करवाने के लिये आपका आभार.

    रामराम.

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  47. बहुत ही सुंदर कविता के साथ लंका भ्रमण करवाने के लिये आपका आभार.

    रामराम.

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  48. श्रीलंका बेहद खूबसूरत जगह है...जातीय समस्या से उबरने के बाद टूरिज़्म को वहां की सरकार बहुत बढ़ावा दे रही है...मुझे तो श्रीलंका का नाम लेते ही रेडियो सीलोन की हिंदी सर्विस याद आ जाती है...किस तरह बचपन में हम अमीन सयानी साहब के प्रोग्राम बिनाका गीत माला के लिए क्रेजी हुआ करते थे...

    जय हिंद...

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  49. श्री लंका की सैर करवाने के लिए
    बहुत बहुत शुक्रिया

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  50. @. इतना अच्छा चिकेन बनाती थी ना ...रहने दीजिये वर्ना बाकी पोस्ट नहीं लिखी जाएगी .
    आगे बढने के पहले यहीं अटक गया ...
    मतलब?

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  51. मनोज जी ! हा हा हा ...मतलब पूरी पोस्ट पढ़िए :) और कविता भी :).चिकेन के चक्कर में कुछ नहीं पढ़ा जायेगा वर्ना :).

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  52. दूसरा, यह कि बाक़ी का आलेख आपके उच्च कोटि के लेखन का एक और नमूना।
    हां, जैसे आपने चित्रों से काम चलाने को कहा, चला लिया।
    अब जब आप घूमने जाएंगी तो आपके साथ घूमने का आनंद ... ! भी आएगा।

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  53. तीसरा, कविता के द्वारा एक पौराणिक काल घूम आया।
    यह उपलब्धि रही।
    आपकी नहीं, मेरी, आपको तो आभार ही मिलेगा।

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  54. बहुत सुन्दर..............

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  55. मुझे लगा मैं भी सैर पर हूं
    सफ़ल/सुखद जात्रा के लिये बधाईयां

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  56. kshamasadhana8@gmail.com
    Ye rahi meri Id.

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  57. आदरणीया शिखा जी

    श्रीलंका की संक्षिप्त सैर के लिए आभार !
    तस्वीरें खींच कर लाने के लिए आपके मित्र भी धन्यवाद के पात्र हैं ।

    याद आया , मेरी भी एक मित्र थी श्रीलंका में
    जानकी हेट्टियाराच्चि
    उसकी तारीफ़ में मैंने अंग्रेजी में ग़ज़ल लिखी थी ।
    बहुत वर्ष बीत गए ।
    बस, आपकी पोस्ट के बहाने स्मृति ताज़ा हो गई …

    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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  58. मजा आ गया......
    अच्छी लगी लंका की सैर...
    आभार !!

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  59. Really nice pictures...
    I like these!!!

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  60. शिखा जी देखिये आपकी तस्वीरों से राजेन्द्र जी को बिछड़ी मित्र याद आगई .....

    इसलिए बधाई आपको .....और शुक्रिया उस मित्र को भी जिसने ये तसवीरें भेजीं .....!!

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  61. शिखा जी तस्वीरें देख कर ही दिल बहला लिया है हमने। धन्यवाद।

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  62. ओह!! कहीं से भी देखते हैं तो दुनिया सुन्दर ..और सुन्दर होती जाती है।
    बस दृष्टिकोण सुन्दर होना चाहिए!

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  63. behad sunder prastuti :)


    http://liberalflorence.blogspot.com/

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  64. sundar post hai bahut bahut badhai apka blog hamare blog par link hai kabhi ana ho to dekhiyega

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  65. मेरे ब्लॉग पर इस बार ....
    क्या बांटना चाहेंगे हमसे आपकी रचनायें...
    अपनी टिप्पणी ज़रूर दें...
    http://i555.blogspot.com/2010/10/blog-post_04.html

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  66. shikha ji,
    sree lanka jaane ka mann to hai ki aakhir dekha jaaye ki hanumaan ji ke jala dene ke baad bhi lanka sundar kaise rah gaya. ek bhi raakchhas ab bhi hai ki nahin, ya fir ...ha ha ha ha ha
    abhi bhutta ka maza lete hain, cafe mein coffee ka aur sagar ki lahron ko hin nihaar lein. baaki baad mein aap jab ghoom kar aaiye tab bataiyega.

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  67. श्री लंका की सैर घर बैठे करा दी आपने शिखा जी । तस्वीरें बहुत सुंदर और भुट्टेवाला........यहां तो इस मौसम में भुट्टे कहां मिलते हैं ।

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  68. बहुत ही सुन्‍दर, आपने तो पूरे श्रीलंका की सैर करा दी, सुन्‍दर प्रस्‍तुति के लिये बधाई ।

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  69. श्रीलंका घुमाने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद। लेकिन एक शिकायत थी वह यह कि यदि आप तस्वीरों के साथ यह भी बताती कि ये किस स्थान की तस्वीरें हैं तो सोने पे सुहागा होता। शिकायत के लिए क्षमाप्रार्थी हूं।

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  70. बेहद सुन्दर तस्वीरें और बेहतरीन कविता

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  71. बहुत ही सुन्दर रचना . बधाई

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