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Wednesday, 30 June 2010

हम ऐसा क्यों करते हैं ? भाग ३ (शांति शब्द का उच्चारण तीन बार )

बचपन में हम बहनें बहुत लड़ा करती थीं ..सभी भाई बहन का ये जन्म सिद्ध अधिकार है ..और लड़ते हुए गुस्से में एक दूसरे  को ना जाने क्या क्या कह दिया करते थे .तब मम्मी बहुत डाँटती थीं , कि शुभ शुभ बोला करो, ना जाने कौन से वक़्त माँ सरस्वती ज़ुबान पर बैठ जाये , और तीन  बार कुछ बोलने से वो सच हो जाता है. ..ऐसे ही एक दिन इसी बात पर मैने हँस  कर तपाक से कहा कि हाँ तभी तो "तलाक" तीन  बार बोलो तो तलाक हो जाता है :) और मम्मी भुनभुनाती हुई वहां से चली गईं :) ..ये बात मैने अनजाने में और मस्ती में कही थी ..परन्तु बाद में जब उत्सुकताएं  बढीं तो एक यह भी कि 
किसी प्रार्थना  के बाद या मन्त्र के बाद  हम "शांति" शब्द  तीन  बार  क्यों बोलते हैं ? 
एक किताब पढने पर पता लगा कि वो बात शायद ठीक ही थी.ऐसा माना जाता है "त्रिवारं सत्यम " .इसलिए हम कोर्ट में सुनते हैं "I shell speak the truth ,the whole truth and nothing but truth .
तो हम ३ बार शांति ..हमारी शांति के लिए तीर्व इच्छा पर जोर देने के लिए कहते हैं. 
क्योंकि ..शांति .यानि आपके होने की एक प्राकृतिक अवस्था .अशांति हमारे या किसी और के द्वारा ही फैलाई जाती है . शांति अपनी जगह ही होती है जब तक कि उसे किसी के द्वारा भंग ना किया जाये..इस तरह शांति हमारे सारी समस्यायों के मूल में है तो जब शांति होगी तब ख़ुशी होगी .इसतरह हर किसी को बिना अपवाद शांति की  जरुरत होती है.
सारी बाधाओं, समस्याओं,और दुखों के स्रोत निम्नलिखित   तीन  हैं. 
१- आधिदैविक - .अनदेखी दिव्य शक्तियां (बलाएँ ) जिनपर हमारा कोई बस नहीं या बहुत ही कम हैं .जैसे भूकंप, बाढ़ , ज्वालामुखी का फटना आदि ,
२- अधिभौतिक  - वास्तविक तथ्य जैसे - दुर्घटना ,प्रदूषण , अपराध आदि .
३- आध्यात्मिक - हमारे शरीर और दिमाग की समस्याएं जैसे - बिमारी, गुस्सा,अवसाद आदि.
हम भगवान् से इन सभी समस्यायों से दूर रखने के लिए प्रार्थना करते हैं इसलिए भी शांति शब्द का उच्चारण ३ बार किया जाता है.
पहली बार शांति जोर से बोला जाता है उन अदृश्य  शक्तियों को संबोधित करने के लिए. 
दूसरी बार थोडा धीरे सिर्फ अपने आस पास की चीजों को और लोगों को इंगित करने के लिए .
और तीसरी और आखिरी बार बहुत ही हलके से सिर्फ अपने आप को जोड़ने के लिए.
तो इस तरह मेरी समझ में आया कि "शांति" हम तीन बार क्यों उच्चारित करते हैं
(इस श्रृंखला को फिलहाल हम यहीं  विराम देते हैं .और भी बहुत कुछ है फिर कभी सही.:) .

32 comments:

  1. अच्छा
    सुन्दर यादें

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  2. Om shanti!!!:)

    bahut shandar information......:)

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  3. बहुत बेहतरीन लेख.. इस ज्ञानवर्धक श्रृंखला को जारी रखियेगा...

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  4. This comment has been removed by the author.

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  5. ॐ दयो शांति, पृथ्वी शांति, अन्तरिक्ष शांति, आपः शांति , ओषधयो शांति, वनस्पत्यो शांति , विश्व देवः शांति,ब्रम्ह शांति, सर्वं देवं शांति, सा मा शांति.

    मैंने तो इतनी बार शांति को याद किया, शायद अब वो मेरे पास हमेशा ही रहेगी. वैसे ऐसी पोस्ट पढने पर ऐसे ही शांति मिल जाती है चाहे एक बार ही क्यों ना पढ़े, नानी ने ऐसा बताया था., पढ़ कर शांति मिली.(मन को). बहुत ही शांति प्रदायिनी और सारगर्भित पोस्ट.

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  6. वाह डिओसा,
    एक और बेहद सूक्षम जानकारी, मज़े कि बात ये कि हम सभी कहीं ना कहीं इनका उपयोग भी करते हैं, लेकिन ये नहीं सोचा गया कि क्यूँ, एक अल्प जानकरी हमारी और से भी अगर गलत हो तो, इस्माइल मारते हुए इग्नोर कर दें,
    हिन्दू संस्कृति मैं जीवों को ३ श्रेणीओं मैं विभाजित किया गया है, देव, नर, और दानव, देव यानि वह जिनका पूजन किया जाता है, नर यानि सर्व साधारण आप या हम, और दानव, जिनकी मानसिक वृत्ति दानवी हो, इसीलिए हर प्रार्थना या शुभ कार्य के पश्चात् इन सभी को शांति देने हेतु शांति पाठ के अंश रूप मैं, ३ बार शांति शब्द का उच्चारण किया जाता है,
    अस्तु शांति, शांति, शांति,

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  7. तीन बार एक ही बात को बोलने का रहस्य जाना..आभार..इस विश्लेषण के लिए.

    बढ़िया आलेख.

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  8. बचपन की सुनहरी यादें ,,,रोचक पोस्ट जारी रखियेगा ..

    विकास पाण्डेय
    www.vicharokadaroan.blogspot.com

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  9. इस रहस्योदघाटन के लिए आभार!

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  10. भूत, वर्तमान और भविष्‍य के लिए भी तो तीन बार उच्‍चारण हो सकता है। जैसे शान्ति थी, शान्ति है और शान्ति रहेगी।

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  11. बिल्कुल सच कहा आपने। जीवन में तीन शब्दों का महत्व तो है।
    यदि कोई कहता है कि मुझे क्षमा करें तो मुझे क्षमा करें तीन शब्द है।
    संगीताजी ने भी ऊपर ओम शांति ओम का मतलब बताया है।
    यदि मैं आता हूं का मतलब है तो मैं जाता हूं का भी मतलब है। तीन शब्दों का एक पूरा शब्द और है जिसे लोग अब बोलते नहीं एसएमएस करते हैं।
    आपने अच्छा लिखा है।

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  12. बढ़िया, बढ़िया, बढ़िया।

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  13. परम पिता परमेश्वर को कर अर्पण "ॐ शान्ति शान्ति शान्ति" सार्थक जानकारी।

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  14. क्या बात है...ज्ञान पर ज्ञान बांटे जा रहें हैं...एक बार स्क्रौल कर देखना पड़ता है ये शिखा जी का ही ब्लॉग है,ना....जहाँ बड़े गहरे अहसासों वाली कविताएँ पढने को मिलती थीं :)

    Jokes apart बहुत ही अच्छी जानकारी दी...जारी रखो ये श्रृंखला,कई बातें सीखने को मिल रही हैं...

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  15. किसी बात को तीन बार कहने से वो बात सत्य भी हो जाती है....
    ये एक भ्रम है !

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  16. किसी बात को तीन बार कहने से वो बात सत्य भी हो जाती है....वाह यह तो बहुत अच्छी बात बताई...जो बात शिद्दत से कही जाये तो उसे पूरी करने में पूरी कायनात साथ देती है .. :):)ओम् शांति ओम् ....

    ओम् शांति , ओम् शांति , ओम् शांति


    पहली टिप्पणी में एक शब्द गलत टंकित हुआ था ...

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  17. waah shikha....ek khaas uplabdhi hai is aalekh me

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  18. shikha ji,
    sundar...sundar...sundar
    bahut achha laga aapke is shodhkaarya ko padhkar. jin baaton ko kabhi sochi hin nahin aaj soch aur samajh dono ek sath utpann hui. sabhi baaton ka apna koi na koi tark awashya hota jise hum mahaz parampara maan kar kiye chale jaate hain. parantu nihsandeh humare jiwan mein ek arth rakhta hai. aisi aur bhi jaankari deti rahiye, dhanyawaad aapko.

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  19. मैं तो कहता ही हूँ ...कि........ बीयुटी विद ब्रेन.... और आज इस नायाब पोस्ट से तो यह साबित हो ही गया.... है....
    ओम् शांति.... शांति .... शांति.....

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  20. Your this post raises an important issue of Peace and Happiness. But to my mind chanting Om Shanti 3 times alone cannot generate or ensure Shanti (Peace),doubtlessly this can improve your own intent and commitment for Peace. This topic prompts me more to think on this issue. Thanks.

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  21. आज के परिवेश में इसकी बहुत आवश्यकता है .......ओम शान्ति, शान्ति, शान्ति!




    शुभकामनाएँ........

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  22. didi ..didi ..didi ...ab pakki wali didi ho gayen aap ..:)

    aur ye sab baaten pata nahi theen ,,han kabhi mann me sawaal bhi paida nhi hua ki ..shanti teen bar kyun kahte hain ,..aur wo court wala xample to lazawaab diya aapne... fir se gyaan badha ..mantra yaad kar raha hun .. aur aapne shrinkhala ko viraam kyun de diya..:( abhi to bahutr kuch kah sakti hain di ...

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  23. स्वप्निल ! सच कहा कि ..बहुत कुछ कहना बाकि है अभी ..और कहूँगी भी पर थोड़े से ब्रेक के बाद ...वो क्या है न ज्यादा अध्यात्म हो गया :) थोडा मूड चेंज होना चाहिए न :)

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  24. बहुत बेहतरीन ...आभार..

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  25. रोचक जानकारी के लिए आभार. वैसे इस विषय पर मैंने भी मार्च में एक पोस्ट लिखी थी जिसमे हिंदू धर्म से सम्बंधित कुछ रीतियो का जिक्र किया था.

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  26. तीन का महत्व ... अच्छी पोस्ट है .. वैसे तीन का महत्व तबले में भी होता है ... अक्सर तिहाई पर ख़त्म होती है थाप .......

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  27. You have a very good blog that the main thing a lot of interesting and beautiful! hope u go for this website to increase visitor.

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