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Sunday, 30 May 2010

हिंगलिश रिश्ते



रिश्तों का बाजार गरम है 
पर उनका अहसास नरम है
हर रिश्ते का दाम  अलग है 
हर तरह का माल  उपलब्ध है
कभी हाईट तो कभी रूप कम है  
जहाँ  पिता की  इनकम कम है 
साथ फेरे, रस्में सब, आडम्बर हैं 
अब तो नया लिव इन का फैशन  है
हर रिश्ते पर स्वार्थ की  पैकिंग 
हर रिश्ते पर एक्सचेंज ऑफर है 
सेटिसफाइड नहीं तो  डस्टबिन है 
पर प्यार की  कस्टमर सर्विस डिम है 
सुना है आजकल एक स्कीम नई है 
दहेज़ के साथ एक दुल्हन फ्री है

44 comments:

  1. हा हा हा ....क्या रिश्ते लिखे हैं....दुल्हन भी फ्री...अच्छा व्यंग है...लिव इन का और डस्टबिन ...बढ़िया है... :):)

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  2. जब रिश्तों में भी प्रतिस्पर्धा घुस जाती है तो यही होता है. रिश्तों में बराबरी नहीं बड़प्पन होना ज़रूरी है.

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  3. maja aaya par antim pankti dukhi kar gayi...bahut kuch sochne par majboor kar diya...kabhi lagta hai cheeze badli hai kabhi lagta hai nahi badli....:(

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  4. Hi..

    Naye Naye rishte ab aaye..
    LIVE-IN relation sang main laaye..
    Bachche sang hain ab dulhan ke..
    Sharm-o-haya na nazar hai aaye..

    Surogacy, gay aur lesbian..
    Naye jamane ke ye shagal hain..
    Koi bhavna bachi na aisi..
    Jeevan jisme nazar bhi aaye..

    Hua masheeni ab to yug saara..
    Par Dulhan dulhe ghar jaaye..
    London main rahne wale bhi..
    Kavita Hindi main hi banaye..

    Haha..

    Sundar kavita..

    DEEPAK..

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  5. सुना है आजकल एक स्कीम नई है
    दहेज़ के साथ एक दुल्हन फ्री है
    वाह हास्य क ज़रिये करारा व्यंग्य. बधाई.

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  6. Are baba, yah to sadiyonka chalan hai...betee ke mata-pita pahle bhi majboor the..aaj bhi hain!
    Kahne kaa tareeqa halka fulka hai,par hamare samaj pe ek karara vyang kas diya hai aapne..!

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  7. सुना है आजकल एक स्कीम नई है
    दहेज़ के साथ एक दुल्हन फ्री है
    धत तेरे की अगर पहले पता होता तो अब शादी करते, इस स्कीम का लाभ तो होता..
    आप ने बहुत सुंदर लिखा आज के हालात पर अच्छा व्यंग किया है

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  8. रिश्ते ही रिश्ते ... आकरी वाली लाइने पसंद आई ... दहेज के साथ दुल्हन .. क्या बात है ...

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  9. This comment has been removed by the author.

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  10. AB TO RISTE BHI SHARMA JAYENGE



    बहुत सुन्दर !

    BADHAI AAP KO

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  11. shikha ji,
    bahut mazedaar lahze mein aapne likha hai par baat badi gambheer aur kataaksh bahut teekhe hain jo satya hai...

    कभी हाईट तो कभी रूप कम है
    जहाँ पिता की इनकम कम है
    साथ फेरे, रस्में सब, आडम्बर हैं
    अब तो नया लिव इन का फैशन है
    हर रिश्ते पर स्वार्थ की पैकिंग
    हर रिश्ते पर एक्सचेंज ऑफर है

    par ab is offer ko lene ka upaay hamare paas nahin raha, aap ke paas bhi nahin na, sooooooooo saddddddddd. na exchange mein na return mein fit, bas dustbin mein jane ke liye fit. ha ha ha ha bahut khoob. teekhe vyang...dahej ke sath dulhan free. sab kuchh chalega par is pratha ka ant hona atyant aawashyak hai.
    bahut achhi rachna , shubhkaamnayen.

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  12. शिखा ! आपकी रचना मजेदार है । सार्थक भाव व कथ्य सच्चे सच्चे ।
    badhai.......
    ATI SUNDAR .

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  13. shikha didi,
    bahut mazedaar lahze mein aapne likha hai ..

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  14. मेरे ब्लोग मे आपका स्वागत है
    क्या गरीब अब अपनी बेटी की शादी कर पायेगा ....!
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com/2010/05/blog-post_6458.html
    आप अपनी अनमोल प्रतिक्रियाओं से  प्रोत्‍साहित कर हौसला बढाईयेगा
    सादर ।

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  15. नई दुनिया के नये रिश्ते!!

    बेहतरीन!

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  16. bahut khub dulhan free wala idea bahut achha hai...
    hahhahaa.
    umdaah rachna...

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  17. अब तो नया लिव इन का फैशन है----
    कुछ दिन तो चलेगा ।
    फैशन फिर बदलेगा ।

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  18. शानदार! मजेदार। दमदार!

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  19. बेहतरीन व्यंग्य... एकदम सीधा कटाक्ष है कई समस्याओं पर..

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  20. यूँ ही नहीं तार तार हो गये
    रिश्ते भी बाजार हो गये

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  21. bahut achhi rachna .
    admbar hi admbar ho gya hai shadi me ab kpdo ka dikhava ,nkli roop ka dikhava ,dhej ka dikhava .aur sach to ye hai ki jitna dhej ke vrodh me likha jata hai utna hi shej ka lalch badhta ja rha hai .

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  22. तो...अब समझ आया...
    ’मुफ़्त का माल’ इतना कष्ट क्यों देता है..हा हा हा

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  23. हास्य से भरपूर..... मजेदार पोस्ट.....

    अरे! कमेन्ट ही नहीं पोस्ट हो रहा था....अब जा कर हुआ....

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  24. बहुत ही अच्छा ऑफर है और हमेँ स्वीकार है.
    लड़की दिख्वाइये जल्दी से.
    अब मन बेहद अधीर हो उठा है.
    दुल्हन का मुखडा देखना है जो दहेज भी लेके आएगी.

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  25. एक नासमझ ने मेट्रिमोनियल एड दिया...पत्नी चाहिए...

    अगले दिन सौ रिप्लाई आ गए...हमारी ले जा...

    जय हिंद...

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  26. vyangyatmak rachna..........Sikha jee aapke london ka asar hamare Hindustan pe parne laga hai.....:P

    Khushdeep ne badi pyari baat kahi hai..:D

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  27. सुना है आजकल एक स्कीम नई है
    दहेज़ के साथ एक दुल्हन फ्री है


    हा हा हा...मजेदार पोस्ट है..
    लेकिन सही कहा...

    हर रिश्ते पर स्वार्थ की पैकिंग हर रिश्ते पर एक्सचेंज ऑफर है

    :)

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  28. हर रिश्ते पर स्वार्थ की पैकिंग
    हर रिश्ते पर एक्सचेंज ऑफर है
    सेटिसफाइड नहीं तो डस्टबिन है
    पर प्यार की कस्टमर सर्विस डिम है
    हास्य के कलेवर में लिपटा करारा व्यंग्य....बहुत खूब....

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  29. बहुत अच्छी रचना नहीं है... चलताऊ है।

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  30. रिश्तों के बदलते हुए स्वरूप पर एक सशक्त व्यंग. किन्तु आज भी ये स्वीकार्य है कि अग्नि के साथ फेरों से बने रिश्ते बहुत मजबूत होते हैं.

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  31. बहुत सुन्दर !

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  32. वाह!
    इतनी सुन्दर और बोलती हई रचना!
    एक शादी में बाहर गया था इसलिए देर से पहुँचा!
    आपको बहुत-बहुत बधाई!

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  33. सुना है आजकल एक स्कीम नई है
    दहेज़ के साथ एक दुल्हन फ्री है

    ye wali baat zbaradast hai di... dahej pratha par dhansu comment hai ye... baki bhi achhi hai rachna

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  34. बेबाक बोलने के लिए बदनाम हूँ पर राजकुमार
    सोनी जी के जितना नहीं बोल पाता !
    पर
    अंतिम की पंक्ति की मार्मिकता की अनदेखी
    भी नहीं कर सकता !
    आभार !

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  35. कटाक्ष और हास्य का संगम. काश ये लिव इन हिंदुस्तान की धरती पर कदम ना रखता.

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  36. badhiya likha hai...mazedaar...asardaar...shaandaar

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