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Thursday, 27 May 2010

जन्म दिन हमारा मिलेंगे लड्डू सबको....इस पार्टी में आप सब सादर आमंत्रित हैं



स्पंदन = मेरे मन में उठती भावनाओं की  तरंगे.जिन्हें साकार रूप दिया मेरे इस प्यारे ब्लॉग ने ..जी हाँ इस माह  मेरे स्पंदन का फर्स्ट बर्थडे है .वैसे तो इसकी नींव  २७ अप्रैल को रखी गई थी .परन्तु इसे सुचारू रूप से बढ़ाना मैने 18 मई से शुरू किया. और इसी दिन मेरी ब्लॉग की  रचना पर पहली  प्रतिक्रिया  आई अत: स्पंदन का जन्म दिन  मैने मई में ही मनाना उचित समझा.
चलिए आज आपको इसके जन्म  से आजतक की कहानी सुनाती हूँ .
जैसा कि आप  लोग मेरे परिचय से जानते हैं कि पत्रकारिता करने बाद मैने  गृहस्थ जीवन को अपना लिया था  .परन्तु लेखन का शौक और साहित्य में रूचि के कारण कभी कभार कविताएँ   लिख डायरी  में बंद करती रहती  थी..कुछ घर गृहस्थी का बोझ कम हुआ तो कुछ न कर पाने की  कुंठा सताने  लगी , ऐसे में ही एक मित्र ने ऑरकुट से परिचय कराया.और वहां कुछ कम्युनीटीज़  पर  अपना लिखा हुआ बांटना शुरू कर दिया. उस दौरान आभा क्षेत्रपाल की "सृजन का सहयोग " और उसके सदस्यों ने मेरे रूठे आत्मविश्वास को मनाने में बहुत सहयोग दिया बहुत कुछ मिला वहां से ,बहुत से पुरस्कार भी और आराम से जिन्दगी चलने लगी .
तभी एक दिन कुश को टिप्पणी  करते हुए उनके ऑरकुट के साइड बार में एक लिंक दिखा " कुश की कलम " जिज्ञासा वश उसे क्लिक किया तो पता  चला कि कुछ ब्लॉग है ..थोडा पढ़ा तो लगा कि नेट डायरी  टाइप की  कोई चीज़ है जहाँ अपनी रचनाएँ  एक साथ संकलित  की  जा सकती हैं बस यही सोच कर एक ब्लॉग बना लिया कि कम से कम सब रचनाएँ  एक जगह इकठ्ठा  रहेंगी. तब तक ब्लॉगिंग  किस चिड़िया का नाम है ये तक नहीं मालूम था , बस रचनाएँ  उसपर पोस्ट करती कोई पढता और प्रतिक्रिया देता तो  आभार व्यक्त करने के लिए उसके ब्लॉग पर चली जाती. उन्हीं शुरूआती दिनों में जिन साथियों ने अपनी प्रतिक्रियाओं  से मेरा हौसला बढाया उनमे थे "श्यामल सुमन , दिगंबर नास्वा, नारद मुनि, शमा, अलबेला खत्री , श्याम सखा श्याम, प्रकाश गोविन्द , संगीता पुरी, डॉ. अशोक प्रियरंजन ,किशोर  चौधरी,  भूतनाथ ,कपिल अनिल गुप्ता, विजय कुमार सत्पति ,स्वप्निल, प्रीती ,अशोक कुमार पाण्डेय.अंशुजा  और  विजय तिवारी किसलय ( विजय जी ने  तो अपने ब्लॉग पर मेरा interview  ही छाप  डाला जो मेरी जिन्दगी का पहला साक्षात्कार  है :) और मुझे हमेशा याद रहेगा  )आज इस मौके पर आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया क्योंकि अगर आपके उत्साह वर्धक शब्द न मिले  होते तो आज मैं ब्लॉगजगत में न टिकी होती.
फिर इसी क्रम में अचानक एक दिन एक फ्रेंड रिकुयेस्ट आई .और उस इंसान ने धकेल  दिया  मुझे एक्टिव ब्लॉगिंग  के इस दलदल में .जी हाँ वह थे इस ब्लॉगजगत के भीम, रुस्तमे ब्लॉग जगत, जंगली सांड, और भी न जाने क्या क्या  सबके चहेते महफूज़ मियां  .वही थे जिन्होंने सबसे पहले ब्लॉगवाणी  से परिचय कराया ,फिर टिप्पणी  की महत्ता समझाई. उनके ब्लॉग पर कैसे १०० टिप्पणी  और पाठक आते हैं  इस पर भाषण दिया(  हाँलांकि इन सब टिप्स  पर मैं कभी अमल नहीं कर पाई  ) आज भी ये सोच कर हंसी आती है कि कैसे वो अचानक आकर कहते थे " अरे जल्दी चटका लगाइए न " और भाग जाते थे ( शायद किसी और को यही कहने :) ) और मैं बेचारी सोचती रह जाती थी कि ये चटका क्या बला है ..और ये कहाँ और कैसे लगाया जाता है .हा हा हा . और ब्लॉग जगत के बहुत से विद्वानों   से परिचय भी कराया. तो इस तरह वो मेरे ब्लॉग गुरु हुए :) और इस तरह फिर हमने ब्लॉगिंग  शुरू की..... बहुत बहुत  शुक्रिया महफूज़ .
अब ब्लॉगिंग  तो शुरू कर दी पर  स्वभाव  से जल्दबाज़   होने के कारण वर्तनी दोष भी बहुत किया करती थी ऐसे में एक मसीहा बन कर आईं संगीता स्वरुप और हमने झट उन्हें अपना एडिटिंग का कार्यभार सौंप दिया. बस लिखती और मेल कर देती कि दी! देख लो ज़रा  और वो उसे शुद्ध कर वापस भेज देतीं और मैं उसे पोस्ट कर देती..मजे की बात तो यह कि वह जो अशुद्धियों को ठीक करतीं मुझे वो दिखाई ही नहीं पड़ती थीं :) और मैं उनसे पूछती क्या ठीक किया है आपने ? ऐसा ही तो था ..हा हा हा हा. पर मेरी इन  बदतमीजियों(इसमें द पर हलंत नहीं लग रहा )  के बावज़ूद वो आज तक बड़े प्रेम से मेरा ये कार्यभार संभाले  हैं.वो मेरी सलाहकार, दोस्त, दी, एडिटर ,आलोचक सब हैं .और इसके लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करना भी अपना हक़ समझती हूँ :)
अब तक मैं ज्यादातर कविताएँ  ही पोस्ट किया करती थी या कभी कभार कुछ छोटे लेख.या रिपोर्ताज .फिर एक दिन परिचय हुआ रश्मि रविजा से और उन्होंने मुझे कहा कि तुम सारी दुनिया घूमी हुई हो ...कितनी यादें होंगी ..खट्टे मीठे पल होंगे .संस्मरण क्यों नहीं लिखती.?सुनकर पहले तो मैं बहुत हंसी कि ये मेरे बस की बात ही नहीं है . कैसे कोई अपने पल ऐसे पब्लिक में कहानी बना कर लिख सकता है ? और कोई पढेगा  क्यों? क्या पड़ी है किसी को, बोरिंग नहीं हो जायेगा?..पर वो मुझे यदा कदा उकसाती रहीं कि नहीं कोशिश  तो करो देखना लोग पसंद करेंगे .तो एक दिन उनका मान रखने के लिए मैने अपने जीवन का पहला संस्मरण लिखा "वेनिस की  एक शाम " और ये देख कर मुझे घोर आश्चर्य हुआ कि सच में लोगों ने उसे बहुत पसंद किया और यहाँ तक कि इन्हीं २-४ संस्मरण ने मुझे नामित संवाद सम्मान का अधिकारी भी बना दिया ... तो रश्मि ! इस सलाह के लिए मैं आपकी हमेशा आभारी रहूँगी |  :)
बस फिर क्या था हौसले बुलंद होते गए ...नए दोस्त मिलते गए और कारवां बढता गया.
 शाहिद मिर्जा "शाहिद"- जो खुद एक बेहतरीन शायर हैं परन्तु मेरी अधकचरी नज्मों को जिन्होंने हमेशा पूरे दिल से सराहा.
समीर लाल - जिनकी उड़नतश्तरी कैसे हर नए ब्लॉग पर पहुँच जाती है ? ये बात मेरी आज तक समझ में नहीं आई.शायद वाकई कोई ट्रांसमीटर लगा है उसमें :) रश्मि प्रभा - जिनकी कर्मठतता    ने हमेशा मुझे प्रेरणा दी अदा जी - जिनकी टिप्पणियों  से हमेशा चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती है :). खुशदीप सहगल -जो अपने छोटे से जय हिंद के साथ हमेशा कोई बड़ी बात कह जाते हैं :) दीपक मशाल - जो कि मुझे बड़े हक़ से डांट गए कि "सात समुन्दर पार सब के ब्लॉग तक आप चली जाती हैं ,और पड़ोस का एक ब्लॉग नहीं दिखाई देता आपको "(उनके  ब्लॉग एड्रेस मुझे नहीं मिल पा रहा था) ललित शर्मा- जिन्होंने हमेशा अपनी चर्चाओं में स्पंदन को स्थान दिया. रूप चन्द्र शाश्त्री - जिनकी कवितायेँ अपने आप में पूरा पाठ्यक्रम होती हैं पर वो किसी को भी सराहने में कभी गुरेज़ नहीं करते. मुक्ति- जिसने बहुत ध्यान से रचनाएँ पढ़ीं और बहुत ही संवेदनशीलता से प्रतिक्रिया की अनूप शुक्ल - जो जब  भी ब्लॉग पर आये कुछ सिखा कर गए.ओम आर्य - जिनकी लेखनी की मैं कायल हूँ.शरद कोकास - जिनकी कुछ तीखी कुछ मीठी प्रतिक्रिया हमेशा कुछ सिखा जाती है.जाकिर अली रजनीश- जिन्होंने मुझे संवाद सम्मान के काबिल समझा.निर्मला कपिला- जो अपनी टिप्पणियों   में भी अपनत्व  छोड़ जाती हैं.
और वाणी शर्मा, रेखा श्रीवास्तव, मनोज कुमार, एम०  वर्मा  , वंदना गुप्ता. जेन्नी शबनम ,फिरदौस, हरकीरत हीर, पाबला जी . हरी शर्मा,  राज भाटिया, अरविन्द मिश्र.श्रीमती अजीत गुप्ता .वंदना अवस्थी दुबे , मिथलेश  ( कृपया सभी नामों के आगे "जी" लगा लें :) वो क्या है कि थोड़ी आलसी भी हूँ मैं.)आदि जिन्होंने मेरा हमेशा मान बढाया बेशक मैने कैसा भी लिखा सब ने   ख़ुशी ख़ुशी उसे झेला. और आज तक झेल रहे हैं इनका शुक्रिया अदा करके इनका मान नहीं घटाना चाहती मैं ,बस उनसे यही गुज़ारिश है कि अपना स्नेहिल साथ बनाये रखें.
यहाँ ब्लॉगजगत में ज्यादातर आपके काम की  सराहना करने वाले  ही मिलते हैं ..या फिर कुछ कुतर्क या विवाद करने वाले ..परन्तु मैं उन खुशनसीबों में से हूँ जिसे कुछ सच्चे मार्गदर्शक और आलोचक भी मिले जिन्होंने हमेशा मेरी गलतियों पर मेरा ध्यान आकर्षित कराया और बेहतर लिखने की  प्रेरणा दी उनमें सबसे पहला नाम है - आवेश,- जो धड़ल्ले  से कह देते हैं क्या बकवास लिखा है ? इसे कुछ और शार्प करो या ये लाइन हटाओ वगैरह - वगैरह . उस समय थोडा बुरा लगता है और मैं कह भी देती हूँ "ठीक है मुझे नहीं आता लिखना" पर जो पसंद आता है उसकी तारीफ भी ऐसी करते हैं कि आगा -पीछा सब माफ़ :) फिर  शैफाली पाण्डेय ,शहरोज़, गौरव वशिष्ठ, दीपक शुक्ल आप सभी की निष्पक्ष समालोचना के लिए तहे दिल से आभार.
इन्हीं के साथ अनगिनत ऐसे नाम - अजय झा ,, अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी,  पी० डी०  ,   अल्पना वर्मा, अमिताभ श्रीवास्तव, विक्रम 7, अनिलकांत, रोहित ,  डॉ. अनुराग., कुश, नीरज गोस्वामी,सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी, जी० के० अवधिया, संजय भास्कर, सुनीता शानू ,  अविनाश वाचस्पति ,काजल कुमार , गौतम राजरिशी,  दिलीप कठवेकर , रविंदर प्रभात, अनिल पुदस्कर ,चंडीदत्त ,शोभना चौरे ,  अपनत्व (सरिता)जो कभी - कभार अपनी झलक दिखा कर कर मेरी रचनाओं का मान बढा  गए.सबकी अपनी व्यस्तताएं  हैं...  आप सभी का कोटिश:  धन्यवाद .
अभी कुछ नए साथी जुड़े  हैं  मेरी रचनाओं से  -पंकज उपाध्याय, आशीष, कृष्णमुरारी प्रसाद,गिरीश बिल्लोरे , तरु, माधव, शीतल,रोहित, सुमन मीत, देवेश प्रताप,विनोद कुमार पाण्डेय, राजेन्द्र मिढ़ा, शेखर सुमन ,अनामिका. आप सब का तहे दिल से शुक्रिया अपना साथ बनाये रखियेगा. 
अब कुछ ऐसी टिपण्णीया जो थीं  जरा हट के और जिन्हें शायद मैं कभी नही भूल पाऊँगी.:)
आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' 
http://shikhakriti.blogspot.com/2010/01/blog-post_27.html#comments
शरद कोकास

और अंत में उन सभी साथियों का शुक्रिया जिनके नाम मैं यहाँ भूल गई हूँ. मैं आप सभी की  दिल से आभारी हूँ और आशा करती हूँ आप अपना आशीर्वाद बनाये रखेंगे.
और ये ब्लॉग जो अब मेरी एक जरुरत ही नहीं ज़िंदगी बन गया है आज इसका जन्म दिन मानते हुए मेरे साथ केक काटेंगे और मोमबत्तियों में फूंक मारते  हुए ये कामना करेंगे कि ये ब्लॉग जगत जिसने बहुतों की  भावनाओं को पंख दिए, न जाने कितनो को निराशा की  गर्त से उठाकर सपनों  के उड़न खटोले पर बैठाया, कितनों  की  साहित्य साधना को नए आयाम दिए..इसे हम किसी भी गुटबाज़ी, द्वेष, या विवाद का कठघरा नहीं बनायेंगे.ये एक बहुत ही खूबसूरत मंच है भगवान इसे दीर्घायु करे.
इति  शुभम.
Many Happy Returns Of The Day.




62 comments:

  1. बहुत बहुत बधाई हो ब्लांग के जन्म दिन की अगर कल बताती या आज सुबह बताती तो हम कार से आ जाते, ८, १० घंटे का ही तो सफ़र था कार से, लेकिन सारी मिठाईयां खा कर आते, जो बच जाती साथ पेक करवा लेते गोरो की तरह... चलिये फ़िर से बहुत बहुत बधाई ओर शुभकामनाये

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  2. वाह भई वाह.....पहले तो ब्लॉग के जन्मदिन की ढेर सारी बधाई .....वाह बढ़िया पार्टी है....
    मुंह में पानी आ गया.....

    और " न " पर लाल बिंदी बहुत खूबसूरत लग रही है....

    वैसे मेरे बारे में कुछ ज्यादा ही नहीं कह दिया ??

    पर अब कह ही दिया है तो देख लेंगे ...हा हा हा
    (शोले का डायलोग )

    पर शिखा जी के पाठकों....

    वर्तनी की गलती हो तो मुझे मत पकड़ना ....सारी मेहनत शिखा की ही होती है वो तो ज़रा सरसरी निगाह से देख लेती हूँ...पर अंतिम एडिटिंग उसीकी होती है...:):)

    आभार करने का तरीका बहुत पसंद आया....

    तुम्हारा ब्लॉग निरंतर नयी ऊँचाइयाँ छुए और जो तुम्हारी ज़िंदगी बन गया है तुमको ऐसे ही सुकून देता रहे....

    शुभकामनायें....दीदी

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  3. बहुत बहुत बधाई एक वर्ष पूरा होने पर .. आशा है ऐसे ही अनेकों वर्ष तक आपकी लेखनी चलती रहे ... स्याही ख़त्म न हो ... आपने मुझे भी याद रक्खा, धन्यवाद ............ बहुत बहुत शुभकामनाएँ

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  4. पहली वर्षगांठ की बहुत बहुत बधाइयाँ!

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  5. @राज भाटिया जी ! अरे आप अब आ जाइये अभी भी देर नहीं हुई ये जन्म दिन तो पूरे माह मनाया जा सकता है :).

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  6. शिखा !
    बहुत बहुत बहुत बधाई...
    तुम्हारी कलम ऐसे ही दिन दूनी रात चौगुनी चलती रहे....
    और ब्लॉग जगत के नए नए आयाम छूती रहे.....
    फिर एक बार बधाई..!!

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  7. Happy B'day to blog 'Spandan'.....
    मजेदार संस्मरण रहा ब्लॉग जगत से जुड़ने का भी.. :) इसीलिए सम्मान मिला आपको
    'बेशक मैने कैसा भी लिखा सब ने ख़ुशी ख़ुशी उसे झेला. और आज तक झेल रहे हैं' अच्छा लिखा या नहीं ये तय करने के लिए हम लोग हैं ना.. आप क्यों अपने आप से निर्णय ले रही हैं??? :)
    वैसे मेरी टांग तो खींच ही दी आपने दी.. :( पपी फेस..

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  8. वाह.वाह...पार्टीssss .... केक..गुब्बारे...मिठाइयां....बार बार दिन ये आए...बार बार दिल ये गाये स्पंदन जिए हज़ारो साल..:)
    कितनी खूबसूरती और शिद्दत से याद किए हैं बीते हुए लम्हे...और इतने कम समय में इतने लोगों को सम्मान और स्नेह मिला...जिसकी हकदार तो तुम थी ही...am sooo happy for U
    मैडम..जौहरी ही जानेगा ना हीरे की पोटेंशियल...हा हा..संसमरण लिखे तो तुमने,बाबा...और क्या खूब लिखे....
    और 'आभारी हूँ' कह के तो कुछ इंच जमीन खिसका दी आपने शिखा जी....पर जन्मदिन का मौका है इसलिए माफ़ किया :)

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  9. इतने लोगों का सम्मान और स्नेह *

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  10. पहले तो ब्लॉग के जन्मदिन की ढेर सारी बधाई ..

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  11. ब्लॉग को पढने और सराह कर उत्साहवर्धन के लिए शुक्रिया.

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  12. स्पंदन अपने नाम के अनुरूप हर उस विषय पर स्पंदन करता है जिस पर अपेक्षित है, हिर्दय कि अतल गहराई से जन्मदिन कि मंगलकामना.............................................................

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  13. itna samman aur mithe laddu......aashish hai, tum hamesha ek unchaai per raho aur hum saath rahen
    happy birthday spandan

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  14. ब्लॉग के जन्मदिन की ढेर सारी बधाई

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  15. शिखा जी, बहुत-बहुत बधाई !!! ईश्वर करे कि आपका यह ब्लॉग ऐसे ही ढेरों जन्मदिन मनाये ... मैंने भी अपना वर्डप्रेस ब्लॉग पिछले साल मई में ही शुरू किया था हालांकि सक्रिय तो अक्टूबर-नवंबर से हुयी थी ...पर कली की बीमारी और फिर निधन के कारण मैं अपने ब्लॉग का जन्मदिन नहीं मना सकी... पर अब मैं ठीक हूँ और लड्डू खाने आ गयी हूँ.

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  16. रोचक और सद्भावना से भरपूर पोस्ट /

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  17. happy birthday :) :P
    बड़ी प्यारी सी कहानी है :)

    पर पार्टी???पार्टी कहाँ है?? ;)

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  18. देखते देखते एक साल गुजर गया...बहुत बहुत बधाई. ऐसे ही लिखती रहें, अनेक शुभकामनाएँ.

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  19. ब्लॉग का भी बर्थ डे -मनुष्य ऐसे ही उत्सव प्रिय नहीं कहलाता है -हैपी रिटर्न्स आफ द डे !
    और हाँ ब्लाग का किसी और द्वारा सम्पादन -यह तो मैं पहली बार सुन रहा हूँ .
    मैं तो आपको इसलिए सराहता था की देखो लन्दन में होकर भी कितनी प्यारी सी हिन्दी है ...हा हां
    मतलब यह संगीता जी के योगदान से ऐसा था ?
    एक बार जरा असंपादित जाँच पोस्ट प्रकाशित कर देखिये तो ......मुझे न जाने क्यूं अब भी यह लग रहा है की आप
    खुद ही त्रुटिहीन हिन्दी लिखती हैं ...कम से कम कई हिन्दुस्तानी ब्लागरों से तो बेहतर ही ....

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  20. अरविन्द जी आपके सवाल का जबाब संगीता दी ने दे दिया है :) वैसे प्रूफ रीडिंग तो बड़े बड़े विद्द्वान कराते हैं फिर मैं क्या चीज़ हूँ :) क्योंकि कई बार अनजाने ही अपने लिखे में हम छोटी छोटी मात्राओं कि गलतियाँ नजरअंदाज कर जाते हैं :).
    वैसे आपने इतना विश्वास रखा आभारी हूँ.(ये असंपादित है ..कैसा है? :))

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  21. अरे शिखा जी , आपने तो पूरा ब्लॉग परिवार आमंत्रित कर लिया है । हमारे लिए तो मिठाई बची ही नहीं होंगी । खैर कोई बात नहीं , आजकल मिठाई खाना वैसे भी कम कर दिया है।

    आपको प्रथम वर्षगांठ की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें ।

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  22. एक तो हम वैसे ही भारी हैं, ऊपर से तुम आभारी हो रही हो ...ये गलत बात है ......ब्लॉग के जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई .....

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  23. पहली वर्षगांठ की बहुत बहुत बधाइयाँ! आप बहुत अच्छा लिखती हैं। रेशम की तरह मुलायम और भावुक पोस्टें हैं आपकी। सैकड़ों वर्षगाठें मनाने की शुभकामनाएं।

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  24. Hi..

    Happy Birth Day of ur Blog..

    And thanks a lot for remembering me too..among all..

    May God Bless u & ur blog and may it brings many more feathers to ur cap..

    Long live "SPANDAN",

    Deepak,

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  25. पहली वर्ष गाँठ पर बहुत बधाई और शुभकामना ! लड्डू फिर कभी खाएँगे !

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  26. सबसे पहले तो आपको बहुत बहुत बधाई..... हैप्पी बर्थडे टू यौर ब्लॉग..... मैं हमेशा यही दुआ करूँगा कि आप और आपका ब्लॉग दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करे.... आपने जो प्यार और इज्ज़त मुझे दिया ...उसका मैं आपका शुक्रगुज़ार हूँ.... मुझे अगर आपकी कभी कोई स्पेलिंग मिस्टेक भी नज़र आई तो ..... तो वो बहुत अच्छी लगी..... वैसे सही कहूँ.... तो आपसे मिस्टेक होती ही नहीं है..... गूगल ट्रांसलिट्रेशन की गलती ज़्यादा होती है.... और जब गूगल ट्रांसलिट्रेशन में ही गलती हो.... तो उसे आप की गलती कैसे कह सकते हैं.... आपका मेंटल लेवल बहुत हाई है.... और मेरे ऐकौर्डिंग..... ब्लॉग जगत में.... आपका मेंटल मैच है नहीं.... आपके पास खूबसूरती के साथ.... खूबसूरत दिमाग भी है.... और यही चीज़ आपको सबसे अलग बनती है....

    You are Unique.
    You are an angel.
    You have a great IQ with equal EQ...

    एक बार फिर बहुत बहुत बधाई....

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  27. ब्लांग के जन्म दिन की बहुत बहुत बधाई

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  28. Har guzarte saal ke liye dheron shubh kaamnayen! Yah pratha mujhe behad achhee lagi...blog kaa janam din..! Badi sachhee aur madhur smrutiyon ko saajha kiya aapne, is bahane!

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  29. इतनी सारी मिठाईयाँ केक आदि के स्वाद लेकर चटखारे ले रहा हूँ.
    सफर अच्छा रहा है मुबारकबाद
    सफर और अच्छा रहे शुभकामनाएँ

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  30. शिखा जी,
    ''स्पंदन'' का जन्मदिन बहुत बहुत मुबारक हो आपको| आपने अपने इस ब्लॉग के जन्मदिन पर मुझे आमंत्रित भी किया और नाम शामिल कर मेरा मान भी बढाया, इस आतिथ्य के लिए आभार|
    स्पंदन के एक वर्ष का सुहाना सफ़र तथा इसके सभी सहयात्री से भी परिचित हुई| लड्डू अच्छे तो लगे लेकिन १८ मई के थे तो ज़रा...समझ रही है न...हा हा हा हा अपने भारत के लड्डू की याद ताज़ा हो गई, एक महीने बाद भी ताज़ा...स्वादिष्ट...अंग्रेजी लड्डू में वो स्वाद कहाँ|
    बहुत अच्छा लगा एक संस्मरण की तरह आपने अपने ब्लॉग के सफ़र और मित्रों को याद किया|
    आपका ब्लॉग हर वर्ष अपना जन्मोत्सव और भी धूम धाम से मनाये और हर वर्ष समारोह में संख्या बढ़ते बढ़ते असंख्य हो जाये, इसी शुभकामना के साथ पुनः बधाई!

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  31. स्पंदन हमेशा स्पंदित होता रहे, हमें आनंदित और मुदित करता रहे, शिखा जी की मुस्कान गुलाब की पंखुडियों की तरह पल्लवित रहे...यही कामना है...

    एक कसक और है, काश मुझे आपने एक ऐतिहासिक टिप्पणी भेजने से पहले संगीता स्वरूप जी से संपादित करवा ली होती...

    जय हिंद...

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  32. स्पंदन को उसके जन्मदिवस की ढेर सारी शुभकामनाये , वैसे आपकी निमंत्रण सूची में, मै अकेला अ- ब्लॉगर हूँ , मुझे इस ब्लॉग जगत के बारे में बहुत पता तो नहीं है . लेकिन कुछ चुनिन्दा ब्लोग्स , जिनको मै पढता हूँ . उसमे स्पंदन का स्थान सर्वोपरि है., शुक्रगुजार हूँ की अपमे मुझ अकिंचन को याद किया.

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  33. बहुत-बहुत बधाई आपको ।

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  34. बस जन्मदिन और लड्डू पर आकर रुक गए फिर सोचा कि जन्मदिन पर जा रहे हैं थोड़ा सा ढोलक लेते चले कुछ सोहर वगैरह गाने पड़ेंगे लेकिन यहाँ तो जन्म दिन किसी और का निकाला . बड़े अच्छे तरीके से मनाया जन्म दिन. इस ब्लॉग्गिंग हम अभी बच्चे हैं , कुछ भी नहीं आता है.
    अरे बधैया ले लो मेरी जन्म दिन पर बहना,
    बता दे मुझे अभी भी फिर ये न कहना,
    न गिफ्ट ही दी और न खिलाई मिठाई,
    चली आयीं खाली हाथ लेकर बधाई.

    बहुत बहुत शुभकामनाएं स्पंदन को वह इसी तरह से फले फूले और हमें अच्छी अच्छी रचनाएँ नजर करे.

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  35. शिखा जी, स्पंदन की सालगिरह पर हार्दिक शुभकामनाएं.
    लेकिन ये क्या?
    ’’शाहिद मिर्जा "शाहिद"- जो खुद एक बेहतरीन शायर हैं परन्तु मेरी अधकचरी नज्मों को जिन्होंने हमेशा पूरे दिल से सराहा’’
    यानी आपको हमारी सलाहियतों पर भी शक है?
    यानी हमें अच्छे-बुरे (अधकचरी नज़्में?) का ज्ञान भी नहीं?
    चलिये इस मुबारक मौके पर कोई झगड़ा नहीं....
    लेकिन भविष्य में ऐसी ’गुस्ताखी’ नहीं चलेगी....(हा हा हा)
    अब संजीदा बात....आप बहुत अच्छा लिखती हैं....इसीलिये अच्छा कहा जाता है.

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  36. बधाई, ऐसा जन्मदिन सालोंसाल मनता रहे स्पंदन का, यही शुभकामनाएं है।
    मिठाई उप्स सॉरी लड्डू खाने किधर आने का?

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  37. ब्लॉग के जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाये.......जहाँ तक प्रतिभा का प्रश्न है, शिखा जी मैं समझता हूँ, किसी भी परिस्थिति में छिप नहीं पाता......आपका लेखन है ही इतना परिपक्व और साहित्यिक, कि लोग उसे सराहते हैं | भविष्य में आपकी और भी प्रगति के लिए ईश्वर से कामना करता हूँ |

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  38. बहुत बहुत बधाई !!

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  39. स्पंदन के जन्मदिन पर आपको ढेरो बधाइयाँ और शुभकामनायें ! आप यूँ ही लिखते रहे और सबको आपके विचारों से रु-ब-रु कराते रहिये ....

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  40. SPANDAN ke janamdin par hamare aur se dheron badhai kabool karen!!

    waise to blog jagat me ek dum naya hoon.........lekin koshish hai aap sabo se kuchh sikh sakun!!

    aur issi chakkar me yada-kada aapke blog ka regular visitor ho gaya hoon.......:)

    god bless!!!

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  41. sikhaji
    Namaste.
    Bahut shandar party thi. bahut enjoy kiya.dekha mithai ke chakkar main zaroori baat bolna to bhol gayi.Aapke blog ke ek saal pure hone ki khushi main mere aur mere parivaar ki aur se aapko bahut,bahut badhai.

    Maa andari tarfhana meeku mee blog puttina roju subhkankshlu.[telugu].

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  42. सालगिरह की बधाई।
    मुझे दुख है कि मैं पहले टिप्पणी नहीं दे पाया।

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  43. शिखा जी, बहुत-बहुत बधाई !!! ईश्वर करे कि आपका यह ब्लॉग ऐसे ही ढेरों जन्मदिन मनाये ...ब्लोगोत्सव में व्यस्त था इसलिए बाद में पहुंचा हूँ इस पार्टी में ..... हमारे लिए तो मिठाई बची ही नहीं होंगी । खैर कोई बात नहीं आपकी सृजनशीलता का स्पंदन हमेशा मुह मीठा किये रहता है, पुन: बधाईयाँ !

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  44. हमें और टिप्पणीकारों के जैसे बड़ी बड़ी बातें करने में थोड़ी गुलगुली होती है ;~) आप तो सीधा-सट ये बता दो ये फोटो में जो लड्डू दिख रहे है ...कमाल के है ...कम्बखत सुबरे से दिख ही रहे है ...मोनिटर में छेद कर दिया ,,,फिर भी उठा नहीं पा रहा ,,,ये तो धोखा हुआ हमारे साथ ////न्यौता तो दे दिया ,,,लड्डू बचा रहे हो ;~)

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  45. अब ये मत कहियेगा की लड्डू ,,,,पार्टी में आने पर ही मिलेंगे ...शुभकामना यहीं देंगे तो लड्डू भी यही लेंगे ,,,,,,,,//////////////////////आपको ढेरों शुभकामाए आपका लेखन सफलता की हर ऊंचाई को छुए,,,, खुदा से यही दुआ है

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  46. ऎसे ही साल बीतते जाये और आप ऎसे ही लिखती रहे.. इससे ज्यादा और क्या हो सकता है.. आप पोस्ट दर पोस्ट उठे और पोस्ट दर पोस्ट अपनी नज़रो मे उठती जाये.. आपकी कुछ पोस्ट्स नही पढ पाया हू.. कभी समय निकालकर आऊगा जरूर..

    बहुत बहुत बधाईया.. ब्लाग को एक काला टीका भी लगा दीजिये.. किसी की नज़र न लगे :)

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  47. अभी अगर हम कुछ कह बैठे तो लेन देन हो जाएगा.. फिर उसमे मज़ा नहीं आएगा..
    मेरा कमेन्ट आपको पसंद आया मेरा सौभाग्य.. रीडर आपका रेगुलर हूँ.. हाँ कमेन्टर रेगुलर नहीं.. :)

    अच्छा हुआ जो आपने महफूज़ भाई की बात नहीं मानी.. जब सीधी ऊँगली से ही घी निकल रहा हो तो ऊँगली टेढ़ी करने की क्या जरुरत है..
    अच्छा लिखती रहिये.. यही रिक्वेस्ट है आपसे.. शुभकामनाये..

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  48. blog ke janmdin ki dher saari badhai....
    aur mera naam ginane ke liye sukriya....
    sach mein apna naam dekhkar sukhad ashcharya hua,....
    bahut bahut dhanyawwad....
    aur bhawishya ke liye dher saari shubhkaamnayein....

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  49. aur haan mere blog par...
    तुम आओ तो चिराग रौशन हों.......
    regards
    http://i555.blogspot.com/

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  50. shikha ji
    blog ke janamdin ki hardik shubhkamnayein.............aage bhi salon saal aap aise hi likhti rahein aur aapka blog sare jahan main aapka naam roshan karta rahe.

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  51. many happy returns of the day,
    laddu dekhne me kafi tasty lag rahe hain, khane ka pata nhi,
    baise bhi virtualy har cheez achchi lagti hai, u r really a juglar , how to invite everybody,
    "heeg lage na fitkari, rang chokha aye"
    achcha he
    badhai ek bar fir se

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  52. ब्लॉग बड्डे मुबारक ! दीर्घायु हो ब्लॉग !
    आपका ब्लॉग भावों की दुग्ध - सरिता में
    नहाये और शब्दों से फूले - फले ! हम
    बतौर टीपकर्ता आस्वाद करें फल-रस का !
    कारवां चलता रहे सरारा - सरारा !
    फ्लैश-बैक राइटिंग ( क्या ऐसा कोई टर्म
    है ? , मैं नहीं जानता ! ) में आप बढियां
    लिखती हैं , आकर्षक प्रस्तुतियों की आगे
    भी दरकार है ! आभार !

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  53. मुदिता [स्नेहमयी-समागम]के आमंत्रण का आभारी हूं उस दिन नेट की समस्या की वज़ह से परीशन था पूरा शहर जिनके पास एयरटेल ब्राडबैन्ड हैं देरी के लिये क्षमा आभार बधाईयां

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  54. दो साल पूरे करने की बहुत-बहुत बधाई।
    जिस दिन पोस्ट लिखी थी उसी दिन पढी थी लेकिन सोचा आराम से टिपियायेंगे और बधाई टिका आयेंगे।
    आज फ़िर देखा और सारी टिप्पणियां भी पढ़ीं। सुन्दर।

    जिन कुछ ब्लॉग की सारी पोस्टें पढ़ने का मन है उनमें से एक आपका ब्लॉग भी है। देखते हैं कब यह हो पाता है।

    आपका लेखन इसी तरह शानदार चलता रहे। शुभकामनायें।

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  55. Belated Happy Birthday to your Blog.
    बहुत बहुत बधाई एक वर्ष पूरा होने पर

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  56. एक शादी में बाहर गया था इसलिए देर से पहुँचा!
    आपको बहुत-बहुत बधाई!
    --
    प्यारे और दुलारे स्पन्दन को ढेर सारा प्यार!
    --
    स्पन्दन के दीर्घायु होने की कामना करता हूँ!

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  57. happy bday spandan ....belated hai bhai ...lagna to chahiye iki janmdin tha.. kai din tak chale...:)
    arte di main bday ke din bhi aaya tha par laddu kha ke chala gaya tha... heheh....comment karne me lyt chali gayi thi ... :) ..

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  58. बधाइयाँ आपको, ब्लॉग की सालगिरह किसी भी ब्लॉगर के लिये यादगार दिन होता है। ईश्वर करे आपका ब्लॉग ऐसे ही फलता-फूलता रहे।

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  59. shikha , aaj hi tour se lauta hoon , badi waali tippani to baad me doonga .. abhi to sirf badhayi le lo .... mithayi udhaar rahi ji

    regards

    vijay

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  60. Hey Di.........wish you very very happy birthday ...for SPANDAN.....
    bahut soch samajh kar spandan naam diya naa aapne..nai..?? jaane kitne dilon k taar kitni baar jhankrit kiye honge...jaane kitne kathnon se aapka hriday khushi mein jhooma hoga.....

    bahut saara Ashirwaad bhi Di....dont frown ok..x-(...yeh Spandan mujhse bahut bahut zyada chhota hai okies...mujhe ashish dene ka poora haq hai...:D :D

    thoda late ho gayi..magar abhi bhi dil mein woh tarang mehsoos kar rahin hoon...jo us janmdin vishesh par aapke dil mein hilorein le rahi hogi.......

    :D :D :D

    ...

    khoob aage jayiyega Di....bahut saari duaayein aapki lekhni aur aapke liye....:)

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