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Wednesday, 24 March 2010

लन्दन के स्कूलों में मनाया जाता है इंडिया डे

जी हाँ ...हम बेकार ही विदेशी इवेंट्स मनाने में हंगामा करते हैं ..कि वेलेंटाइन डे. क्रिसमस ..विदेशी त्यौहार है हम नहीं मनाएंगे इनसे हमारी संस्कृति को खतरा है..परन्तु और कुछ हो न हो थोड़ी व्यावहारिकता, और डिप्लोमेसी हमें इन अंग्रेजों से सीख ही लेनी चाहिए..हमसे ,हमारे ही बारे में सब जानकार अपना फायदा कैसे किया जाता है ये गुण बेशक अंग्रेजों से ज्यादा किसी में नहीं ...खैर आते हैं मुद्दे पर
लन्दन के क्लास ५ के पाठ्यक्रम में इतिहास और भूगोल विषय के अंतर्गत आता है इंडिया..तो उस टॉपिक को बच्चों को ठीक तरह से समझाने के लिए मनाया जाता है इंडिया डे.....इस दिन पूरे स्कूल को भारतीय ढंग ( साड़ियों, दुपट्टों ) से सजाया जाता है...क्लास में रंगोली बनाई जाती है...बच्चों को कुछ पारंपरिक भारतीय कलाएँ यानि ..जयपुरी प्रिंटिंग ,रंगोली बनाना, मेहन्दी लगाना सिखाया जाता है....कुछ भारतीय बच्चों के अभिभावक को मेहमान के तौर पर बुलाया जाता है कि वो आकर बच्चों को हिंदी की कहानी सुनाये, और भारत के बारे में कुछ तथ्य बताएं
डांस सिखाती सोम्या
सबसे मजेदार होती है उस दिन होने वाली एसेम्बली जिस में हिंदी फ़िल्मी गानों पर बच्चे भारतीय परिधान पहन कर डांस करते हैं ..और उसे सिखाने के लिए कुछ भारतीय बच्चों को बड़े स्कूलों से ( बड़ी क्लास के बच्चों को ) बुलाया जाता है.(.इस बार मेरी बेटी को बुलाया गया और इसके एवज़ में स्कूल से उसे £१० के बाउचर्स मिले एक ज्वेलरी शॉप के तो वो सारा दिन उछलती रही अपनी पहली मेहनत कि कमाई पाकर :) सभी देश , धर्म के बच्चों को लहंगा,और कुरते पजामे ,दुप्पटे पहन कर भारतीय धुनों पर कमर मटकाते देख कर जो प्यारा अहसास होता है उसकी कल्पना बिना उन्हें देखे नहीं कि जा सकती..और बच्चे इस दिन का इंतज़ार पूरे साल बेसब्री से करते हैं..
मसालेदार भारतीय भोजन
हाँ और इसके साथ ही होती है भारतीय खानपान से परिचित कराने के लिए एक छोटी सी पार्टी जिसमें स्कूल में ही भारतीय भोजन बनवाया जाता है ..दाल, चावल, करी, नान, सब्जी आदि ...और उसे पारंपरिक ढंग से बच्चों को परोसा जाता है..जिससे वो उनमें प्रयोग होने वाले मसलों से वाकिफ हो सके.खाते वक़्त ढूध से सफ़ेद बच्चों के चेहरे लाल पढ़ जाते हैं ..और हर कोई कहता सुनाई पड़ता है "Oh God its quite HOT.
कुल मिलाकर ये एक बहुत ही अच्छा माहौल होता है...और बच्चे और टीचर सभी इसका भरपूर आनंद लेते हैं..बच्चों को पढ़ाने का ये रचनात्मक तरीका सचमुच बहुत प्यारा,और रोचक है..जिससे बच्चे बहुत आसानी से भारत के बारे में ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं .और बच्चों में वसुधैव कुटुम्बकम की भावना भरने का एक बेहतरीन और सराहनीय प्रयास भी .

43 comments:

  1. ये रिपोर्ट तो बहुत बढ़िया है....जान कर बहुत अच्छा लगा कि भारतीय संस्कृति को सिखाने के लिए इंडिया डे मनाया जाता है..और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ साथ यहाँ के विशेष व्यंजनों को भी खिलाया और उसे बनाने की विधि को भी बताया जाता है...सच है कि इस तरह से शिक्षा देने से बच्चों को बहुत आसानी से बातें समझ आ जाती हैं....इस जानकारी को यहाँ प्रस्तुत करने के लिए आभार.. और बधाई

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  2. अरे वाह ..ये तो बड़ी शानदार खबर दी...बहुत अच्छी बात है...कितनी अच्छी तरह जान जाते होंगे...हमारे देश को, वे विदेशी बच्चे भी. हमारे देश की कहानियां....पोशाकें...नृत्य संगीत...और खाना भी....अब समझ गयी तुम कुछ मिस नहीं करती वहाँ...इतने लज़ीज़ पकवान देख तो हमारे मुहँ में भी पानी आ गया...:)
    अपनी हिंदी फिल्म का वो गाना तो जरूर रहा होगा..
    ये दुनिया, इक दुल्हन.
    दुल्हन के माथे की बिंदिया
    ये मेरा इंडिया...ये मेरा इंडिया..
    अगर नहीं था तो सौम्या को कहना अगली बार उन सबको इसी गाने पर डांस करवाए..जब सारे विदेशी बच्चे गायेंगे "ये मेरा इंडिया"..तो क्या नज़ारा होगा :)
    सौम्या को बधाई और शुभकामनाएं

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  3. रोचक ! प्रशंसनीय ! अनुकरणीय !

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  4. वाह बहुते बढिया खबर, जी राजी होगया. सौम्या बिटिया को बधाई और आशीष. खाने की फ़ोटो देखकर ही मुंह मे पानी आगया. मजबूरी है घर वाले खाने भी नही देंगे.:)

    रामराम.

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  5. रामनवमी की घणी रामराम.

    रामराम

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  6. राशिमा जी इन स्कुलो मै ९९% बच्चे भारतीया ही होते है, इस लिये यह मनाते है, बाकी खाने का तो लंडन ओर कई शहरो मे इतने भारतिया ओर पाकिस्तानी है कि अब गोरो को उन के इलाको मै इन सब की आदत पड गई है, हमारा खाना सस्ता होता है इस लिये यह खाते है, ओर हमारे त्योहार हमी मनाते है यह गोरे सिर्फ़ मुफ़त का खाने के लिये आ जाते है... मै तो इन मै दिन रात रहता हुं, यह हमारी तरह से हमारा कोई तोयहार नही मनाते, बल्कि उस पर मजाक उडाते है अकेले मै

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  7. जी भाटिया जी ठीक कह रहे हैं आप..अकेले में मजाक उड़ाते हैं पर सामने पूरी तरह अच्छे बने रहते हैं.यानि हम सब बराबर हैं :) .यही कूटनीति है इनकी. वैसे जिस स्कूल में मेरा बेटा पड़ता है उसकी क्लास में वो अकेला भारतीय है....बाकी पूरे स्कूल में भी भारतीय बहुत कम हैं..और सिर्फ एक भारतीय टीचर है :)

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  8. बहुत बढ़िया लगा जानकर. खाना देखकर लालच भी आया. :)

    रामनवमीं की अनेक मंगलकामनाएँ.
    -
    हिन्दी में विशिष्ट लेखन का आपका योगदान सराहनीय है. आपको साधुवाद!!

    लेखन के साथ साथ प्रतिभा प्रोत्साहन हेतु टिप्पणी करना आपका कर्तव्य है एवं भाषा के प्रचार प्रसार हेतु अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें. यह एक निवेदन मात्र है.

    अनेक शुभकामनाएँ.

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  9. bahut achha laga yah jaankar, bahut achhe se bataya bhi hai tumne

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  10. bahut badhiya report hai, saumya ko pyaar...khaane ko dekh kar munh me panee aa gaya...

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  11. घर की मुर्गी दाल बराबर. भारत में तो इन बातों का जैसे कोई महत्व ही नहीं रह गया है. घर से दूर जाने पर घर का महत्व समझ आता है हमें.

    वहां की रिपोर्ट पढ़ कर अच्छा लगा.

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  12. जानती हैं शिखा जी आपकी ये रिपोर्ट मुझे कुछ साल पहले दिल्ली में मनाई गई अपने गंवई स्टाईल की मदमस्त होली की रपट जैसी लगी कुछ कुछ ..असल में तो दूर जाकर ही इनका महत्व पता चलता है ..बिटिया को हमारा स्नेहाशीष और शाबासी भी
    अजय कुमार झा

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  13. शिखा जी आपको ढेरों बधाई ......!!

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  14. बहुत अच्छा लगा पढ़ कर.......और जानकार.....
    .............
    .................
    विलुप्त होती... .....नानी-दादी की पहेलियाँ.........परिणाम..... ( लड्डू बोलता है....इंजीनियर के दिल से....)
    http://laddoospeaks.blogspot.com/2010/03/blog-post_24.html

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  15. जल्दी का काम शैतान का होता है....और आज जल्दी में कुछ ऐसा ही कर दिया..:):)

    सोम्या को मेरी बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें

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  16. अच्छा है. बहुत अच्छा. याद तो उन्हें भी हिन्दुस्तान की बहुत आती होगी, इतने लम्बे समय तक शासन जो किया है यहां.

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  17. Waah Shikhaji, bahut bhadiya report pad kar accha laga aur aapke vichoron se sahamat bhi hun .....Pyari Saumya ko dheron shubhkaamnae!!

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  18. शिखा जी एक शानदार रिपोर्ट के लिए आभार.. वास्तव में गर्व महसूस होता है जब अपने देश के बारे में लोगों की उत्सुकता देखते हैं.

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  19. सुन्दर जानकारी भरा लेख, पढना सुखद रहा |

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  20. लन्दन में भारत! निसंदेह अपन को तो नयी जानकारी मिली, आभार! बिटिया को ढेरों स्नेह.

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  21. I am feeling so much love for my India that I cannot put it into words. Really enjoyed your article from bottom of my heart.

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  22. शिखा जी, ये हम ही हैं जो अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं....
    सरल शब्दों में दोनों संस्कृति के संगम की
    बहुत अच्छी जानकारी है आपके लेख में.

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  23. अच्छा लगा जानकार .....की इंडिया डे मान्य जाता है .......इस जानकारी के लिए बहुत बहुत आभार

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  24. अरे वाह वाकई यह तो रोमांचित कर देने वाली खबर है, और फ़िर इन फ़िरंगियों को वैसे भी हमारे त्यौहार ज्यादा अच्छे इसलिये भी लगते हैं कि इनमें तड़क भड़क होती है, परंपराएँ होती हैं, उसमें कुछ नया कर सकते हैं, त्यौहार परिवार और समाज को जोड़ता है, और ढ़ेर सारे पकवान बनते हैं, जिनका लजीज स्वाद कभी जुबान से जाता नहीं है।

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  25. यह तो सुखद जानकारी है,ऐसे कार्यक्रमों से भारत के बारे में और जानने की उत्सुकता बच्चों के मन में बनी रहेगी.

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  26. शिखा जी,
    खाना देखकर रुका नहीं जा रहा...जी कर रहा है हेलीकॉप्टर (...समझ गए न) में बैठकर झट से पहुंच जाऊं...

    जय हिंद...

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  27. ये सचमुच मेरे लिए नयी और अच्छी खबर है ....
    आभार ....
    खुश होने ही वाली थी की राज भाटिया जी की टिपण्णी दिख गयी ....!!

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  28. बहुत अच्छा लगा यह सब जानकार, हमारे देश के बारे में बाहर होती गतिविधियों की जानकारी बहुत कम मिल पाती हैं !
    माँ-बेटी को शुभकामनायें !

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  29. यह जानकर अच्छा लगा । ब्रिटिश अपनी इसी बात के लिये विख्यात है।

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  30. एक छोटी सी पार्टी जिसमें स्कूल में ही भारतीय भोजन बनवाया जाता है ..दाल, चावल, करी, नान, सब्जी आदि ...और उसे पारंपरिक ढंग से बच्चों को परोसा जाता है..जिससे वो उनमें प्रयोग होने वाले मसलों से वाकिफ हो सके.खाते वक़्त ढूध से सफ़ेद बच्चों के चेहरे लाल पढ़ जाते हैं ..और हर कोई कहता सुनाई पड़ता है "Oh God its quite HOT.

    ब्रिटिश पाॅट में ‘‘इंडिया इज हाट’’..मजेदार स्वाद यानी विचार...
    लंदन अब आपके माध्सम से करीब आ गया है...

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  31. आपसी संवाद और एक दूसरों को जानने की पहल चाहे बहुत छोटी हो या फिर कुटिलता पूर्ण लेकिन परिणाम हमेशा ही अच्‍छे रहते हैं। जितना हम एक दूसरे के बारे में जानेंगे भ्रम के परदे हटेंगे। भोजन सामग्री देखकर कुछ कुछ होने लगा। बढिया पोस्‍ट।

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  32. बढिया खबर है येर तो।वैसे भी मेल-मिलाप से ही प्रेम बढता है और संवादहीनता वैमन्स्य बढाती है।अच्छी रोचक और ज्ञानवर्धक पोस्ट्।

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  33. dil garden garden ho gya padh kr ..sachmuch ..sahi likha he aapne ..aapne itnaa bdhiya likha he jese aankho dekha haal ko sajeev kr diya aapne .wow..the great india..is ko padhne ke baad me bas itnaa hi knhuga

    ************************************

    "Oh God its quite HOT.

    the great india..aapko or aapki kalam ko hmaara slaam

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  34. आपके ब्लाग पर भ्रमण कर लाभान्वित हुआ।विदेश मेँ भी देश की चिन्ता !वाह!
    अपना देश और अपनी माटी तो भगवान श्रीराम भी नहीँ भुला पाए थे।

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  35. सुबह से आपकी ये पोस्ट देख रही थी. सोचा था कि इत्मीनान से पढ़ूँगी. आपको और रश्मि जी को मैं बड़े आराम से पढ़ना चाहती हूँ. सुबह मैं रिसर्च की पढ़ाई करती हूँ, इसलिये एक सरसरी निगाह भर डाल ली थी. आपकी दी हुई जानकारी बहुत ही रोचक लगी. हमारे शिक्षाविदों को कुछ सीखना चाहिये यू.के. वालों से. इसीलिये वहाँ के बच्चे ग्लोबल सोच वाले होते हैं. मैं ऐसे ही बड़ाई नहीं कर रही, पर हमें हमारी कमियाँ तो समझनी ही चाहिये, तभी तो हम दूर कर पायेंगे उन्हें. हमारे यहाँ तो लोग मुम्बई में बिहार वालों को नहीं सह पाते, तो विदेशी लोगों के रहन-सहन के बारे में क्या खाक सिखायेंगे. खैर, अब यहाँ के स्कूलों में भी सिखाने का ढँग बदल रहा है.

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  36. shikha ji,
    bharat ki sanskriti aur parampara apne aap mein adbhut bhi hai aur wibhinnatayen bhi bahut hai, videshon mein kafi samman bhi milta hai aur logo mein kautuhal bhi hota. ye bahut achhi baat hai ki india day ke dwara bharat ki sanskriti ki sampurn jaankari unko di jati. dusre desh ko janane aur samajhne ki ye sarthak prakriya aur sarahniye kadam hai. aapse ye jaankaari paakar bahut achha laga. shubhkaamnayen.

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  37. बहुत अच्छा लगा यह जानकर..विदेशी भी एक दिन भारत के लिए समर्पित करते है....सचित्र सुंदर वर्णन..धन्यवाद शिखा जी

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  38. अहा क्या बात बताई आपने पर ये बताइये क्या ये खाने वाकई मे थे वहा :) क्या बताये मुह मे पानी आ गया...ऒर ये बात बिल्कुल सही कहा आपने की डिप्लोमेसी हमें इन अंग्रेजों से सीख ही लेनी चाहिए..हमसे ,हमारे ही बारे में सब जानकार अपना फायदा कैसे किया जाता है ये गुण बेशक अंग्रेजों से ज्यादा किसी में नहीं ..धन्यवाद

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  39. बड़ी शानदार खबर दी,बहुत अच्छी बात है,रोचक , प्रशंसनीय ,अनुकरणीय .........

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  40. वाह क्या कहने..वैसे खाने की २-३ फोटोज़ और लगा देती तो मज़ा ही आ जाता.. :)

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  41. ye to bahut hi adbhut aur khushi ki baat hai hamaari sanskriti ko saraha jaata hai bahar .aaj indian hone par garv mahsoos kar rahi hoon .bahut achchha laga padhkar sab .

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  42. किसी संस्कृति को समझाने का बढ़िया तरीका अपना रहे है. आभार इस जानकारी के लिए.

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  43. achchi baaten bataee,dhanyabad.

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